Wednesday, June 24, 2009

देश में सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान


नई दिल्ली। विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वीराज चह्वाण ने यहां अंतत: बुधवार को कह दिया है कि इस वर्ष देश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है।

चह्वाण ने संवाददाताओं को बताया, “दक्षिण पश्चिमी मानसून से जून और सितंबर महीने के बीच सामान्य से कम वर्षा होगी”।



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चह्वाण ने कहा कि इस आंकलन में चार प्रतिशत तक का अंतर आ सकता है।

उन्होंने बताया कि कि यह पूर्वानुमान, मौसम व पूर्वानुमान के क्षेत्र में काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थाओं तथा विभिन्न शोध संस्थानों को मिली जानकारियों पर आधारित है।

किसान बेहाल-

उत्तरप्रदेश में भीषण गर्मी और लू से बेहाल किसानों के लिए अच्छी खबर नहीं है क्योंकि राज्य में मानसून के दस्तक देने में अभी और समय लग सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक यहां विलंब से यानी अब प्रदेश में 30 जून के आसपास मानसून के दस्तक देने के आसार हैं। इससे पहले विभाग ने 26 जून तक मानसून के आने की भविष्यवाणी की थी।
मानसून में देरी से सब्जियां हुई महंगी
लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी. गुप्ता ने बताया कि राज्य में बारिश प्रमुखत: बंगाल की खाड़ी से आने वाले मानसून से होती है। वर्तमान में वहां पर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। पूरी आशा है कि अगले छह-सात दिनों में प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश शुरू हो जाएगी।

मानसून की देरी के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। पिछले 24 घंटों में सुल्तानपुर जिले में पारा 46.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लखनऊ का तापमान 44.4, आगरा का 45, वाराणसी का 44.6 और झ्झांसी का 44.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मानसून में देरी से देश का किसान परेशान
मानसून में देरी और तपती गर्मी से पैदा हुए सिचाईं संकट से परेशान किसान समय से खरीफ की फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। कृषि विभाग के मुताबिक विगत वर्ष 15 जून तक करीब 3,44,000 हेक्टेयर जमीन में खरीफ की बुआई का काम शुरू हो गया था, लेकिन इस साल अब तक यह आंकड़ा केवल 2,53,000 हजार हेक्टेयर तक ही पहुंचा है।

प्रदेश के प्रमुख सचिव (सिंचाई) हरमिंदर राज सिंह ने आईएएनएस को बताया कि कृषि के लिहाज से अभी हालात चिंताजनक नहीं हैं, लेकिन अगर जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून प्रदेश में नहीं आया तो समस्या गंभीर हो जाएगी।

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