
03 मार्च 2009
नई दिल्ली। पाकिस्तान में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर आतंकवादी हमले के बाद अब उसकी 2011 विश्वकप की मेजबानी खटाई में पड़ गई है।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने आज कहा, “क्रिकेट खिलाडियों पर हमले के बाद अब हमें पाकिस्तान को दी गई विश्वकप मेजबानी के बारे में गंभीरता से सोचना पडे़गा। गौरतलब है कि 2011 विश्वकप का आयोजन भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
लोर्गट ने एक निजी टीवी चैनल से कहा, “पाकिस्तान में आज हुई घटना से हम स्तब्ध और चकित हैं। यह सुरक्षा में भारी चूक है और पाकिस्तान को इसके दूरगामी परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने कहा, “इस गंभीर घटना के बाद हम स्थिति का आंकलन करने वाले हैं और हमारे लिए सुरक्षित विश्वकप आयोजन भी बड़ी प्राथमिकता है। अगले एक दो दिन में हम कोई कड़ा फैसला कर सकते हैं। हमें सोचना होगा कि क्या पाकिस्तान में विश्वकप का आयोजन सुरक्षित हो पाएगा। हम कुछ पक्का निर्णय लेंगे।”
हालांकि लोर्गट ने इस इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की कि पाकिस्तान के मौजूदा हालात में श्रीलंका का वहां का दौरा करना सही था। उन्होंने कहा, “मैं इन चीजों में नहीं पड़ना चाहता। इस बारे में बाद में बहस हो सकती है। हमारी अभी की प्राथमिकता है कि श्रीलंकाई टीम को वहां से सुरक्षित निकाला जाए।”
उधर, इस क्रूर घटना के बाद भी पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने उम्मीद जताई है कि 2011 का विश्वकप पाकिस्तान में आयोजित होगा। मियांदाद ने कहा, “अभी यह कहना जल्दीबाजी होगी कि पाकिस्तान से विश्वकप का आयोजन छिन जाएगा। अगर आतंकवादी हमले के कारण यदि इस तरह के आयोजन रद्द किए गए तो पूरी दुनिया में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।
उधर, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जहीर अब्बास ने कहा कि इस घटना के बाद अब यहां कोई भी टीम नहीं आना चाहेगी । उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि अब कोई टीम पाकिस्तान आना चाहेगी।

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narayan narayan
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